मुख्य सामग्री पर जाएँ
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026Aboutरिपोर्टर बनेंContact
GARUD Times
लाइव

अपना राज्य चुनें

अपने इलाक़े की ख़बरें देखें।

हिं
Unconfirmed

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की की ईरानी अधिकारियों के साथ मुलाक़ात क्यों रही ख़ास

ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के शीर्ष अधिकारियों की तेहरान में मुलाक़ात को मध्य पूर्व में चल रहे तनाव कम करने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है.

BBC Hindi · · 1 मिनट पढ़ें ·

पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की की ईरानी अधिकारियों के साथ मुलाक़ात क्यों रही ख़ास
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की की ईरानी अधिकारियों के साथ मुलाक़ात क्यों रही ख़ास (Image: BBC Hindi)

ईरान, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के शीर्ष अधिकारियों की तेहरान में मुलाक़ात को मध्य पूर्व में चल रहे तनाव कम करने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है.

और पढ़ें: दुनिया

सऊदी अरब और अमेरिका से क़रीबी के बावजूद ईरान पाकिस्तान पर भरोसा क्यों करता है?
दुनिया

सऊदी अरब और अमेरिका से क़रीबी के बावजूद ईरान पाकिस्तान पर भरोसा क्यों करता है?

पाकिस्तान बनने के बाद से ही अमेरिका और सऊदी का क़रीबी सहयोगी रहा है. इसके बावजूद ईरान पाकिस्तान की मध्यस्थता को स्वीकार कर रहा है और सार्वजनिक रूप से कोई अविश्वास भी नहीं है.

ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो पाकिस्तान बनने के कई साल बाद भी ख़ुद को भारतीय साबित करने की कोशिश क्यों कर रहे थे?
दुनिया

ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो पाकिस्तान बनने के कई साल बाद भी ख़ुद को भारतीय साबित करने की कोशिश क्यों कर रहे थे?

अयूब ख़ान ने अपनी डायरी में लिखा था कि भारत से कुछ दस्तावेज़ उनके हाथ लगे हैं, जिनसे पता चलता है कि भुट्टो 1958 तक ख़ुद को भारतीय नागरिक बताते रहे थे और कहते रहे थे कि वह कराची में महज़ अस्थायी तौर पर रह रहे हैं.

स्वामी चिन्मयानंद के निधन के 33 साल बाद मोदी की होलोग्राफिक वार्ता को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल
दुनिया

स्वामी चिन्मयानंद के निधन के 33 साल बाद मोदी की होलोग्राफिक वार्ता को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल

स्वामी चिन्मयानंद का निधन तीन अगस्त 1993 को अमेरिका के सैन डिएगो में हुआ था. ऐसे में सवाल किया जा रहा है कि मीडिया में एआई आधारित होलोग्राम के ज़रिए एक नक़ली बातचीत क्यों दिखाई जा रही है?