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मनीज़ा बख़्तारी: अफ़ग़ानिस्तान की राजनयिक जिन्होंने तालिबान शासन में भी नहीं छोड़ा पद, एक कमरे से चला रही हैं दूतावास

तालिबान के पहली बार सत्ता पर क़ब्ज़ा करने के बाद जब उनके पति ने अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति नजीबुल्लाह के शव को खंभे से लटका हुआ देखा, तो बख़्तारी और उनके परिवार ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया.

BBC Hindi · · 1 मिनट पढ़ें ·

मनीज़ा बख़्तारी: अफ़ग़ानिस्तान की राजनयिक जिन्होंने तालिबान शासन में भी नहीं छोड़ा पद, एक कमरे से चला रही हैं दूतावास
मनीज़ा बख़्तारी: अफ़ग़ानिस्तान की राजनयिक जिन्होंने तालिबान शासन में भी नहीं छोड़ा पद, एक कमरे से चला रही हैं दूतावास (Image: BBC Hindi)

तालिबान के पहली बार सत्ता पर क़ब्ज़ा करने के बाद जब उनके पति ने अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति नजीबुल्लाह के शव को खंभे से लटका हुआ देखा, तो बख़्तारी और उनके परिवार ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया.

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